मैंने ‘साहिल स्पोर्ट्स एंड एजुकेशन फाउंडेशन’ की स्थापना की है। हमारा मिशन सरल लेकिन अत्यंत प्रभावशाली है: वंचित पृष्ठभूमि के प्रतिभाशाली बच्चों को मुफ्त पेशेवर खेल प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सहायता प्रदान करना।
आपका सहयोग केवल एक दान नहीं है; यह राष्ट्र के गौरव में एक निवेश है।
कृपया मुझे एक ऐसा समय बताएं जो आपके लिए संक्षिप्त बैठक या कॉल के लिए सुविधाजनक हो।
आइए मिलकर एक ऐसे भविष्य का निर्माण करें जहाँ हर प्रतिभाशाली बच्चे को महानता हासिल करने का उचित अवसर मिले।
“आपके सहयोग से, हम राष्ट्र के भविष्य के सितारों का निर्माण करते हैं,”
”आपके समर्थन से, हम देश को सशक्त बनाते हैं,”
”आपके साथ मिलकर, हम एक गौरवशाली भविष्य की नींव रखते हैं।”
SAHIL AMIN TENNIS COACH
BBA in sports management
मिलिए बंगाल टेनिस एसोसिएशन के बेस्ट कोच साहिल अमीन से, जिनके लिए टेनिस सिर्फ एक खेल नहीं, उनकी ज़िंदगी है। एक तरफ प्रोफेशनल टूर्नामेंट्स की तैयारी और दूसरी तरफ Bengal Tennis Association में छोटे बच्चों को भविष्य का स्टार बनाने की ज़िम्मेदारी।खेल भी, और जुनून की मशाल भी:
एक प्रोफेशनल एथलीट का सफर कभी आसान नहीं होता। इसके लिए चाहिए अटूट अनुशासन और अपने सपनों को सच करने का साहस। साहिल एक ऐसे ही खिलाड़ी हैं जो न केवल कोर्ट पर पसीना बहाते हैं, बल्कि अपनी खेल यात्रा को जारी रखने के लिए भावी चैंपियंस को तराश भी रहे हैं।साहिल की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो अपने सपनों और हकीकत के बीच संतुलन बनाना जानते हैं। एक प्रोफेशनल टेनिस खिलाड़ी के रूप में साहिल का जीवन कोर्ट पर पसीने और अटूट अनुशासन की कहानी है। लेकिन उनकी यात्रा केवल अपनी जीत तक सीमित नहीं है; वे खेल के प्रति अपने जुनून को अगली पीढ़ी में भी बाँट रहे हैं।
दोहरी भूमिका: खिलाड़ी और मार्गदर्शक
एक पेशेवर खिलाड़ी होने के नाते साहिल का दिन तड़के शुरू होता है, जहाँ वे अपनी फिटनेस और तकनीक पर घंटों काम करते हैं। हालाँकि, एक प्रोफेशनल एथलीट का सफर आर्थिक और मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। अपने खेल के खर्चों को पूरा करने और टेनिस के प्रति अपने लगाव को एक नया आयाम देने के लिए साहिल बंगाल टेनिस एसोसिएशन (BTA) में बतौर कोच अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
बंगाल टेनिस एसोसिएशन के ‘बेस्ट कोच’
साहिल को उनकी मेहनत और खेल की गहरी समझ के कारण बंगाल टेनिस एसोसिएशन में सर्वश्रेष्ठ कोच का सम्मान प्राप्त है। वे केवल छात्रों को रैकेट पकड़ना नहीं सिखाते, बल्कि उन्हें खेल की बारीकियों, मानसिक दृढ़ता और अनुशासन का पाठ भी पढ़ाते हैं। एक सक्रिय खिलाड़ी होने के नाते, वे आधुनिक टेनिस की रणनीतियों को बेहतर समझते हैं, जिसका सीधा लाभ उनके छात्रों को मिलता है।
सपनों की उड़ान और कड़ा संघर्ष
साहिल का असली लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना है। कोचिंग से होने वाली आय उनके टूर्नामेंट्स और ट्रेनिंग के खर्चों में मदद करती है, लेकिन उनका दिल हमेशा बेसलाइन पर खड़े होकर विनर शॉट मारने में बसता है। दिन भर दूसरों को सिखाने के बाद खुद के अभ्यास के लिए ऊर्जा बचाए रखना कोई आसान काम नहीं है, पर साहिल की आँखों में अपने सपनों को पूरा करने की चमक उन्हें थकने नहीं देती।
”साहिल की कहानी सिखाती है कि यदि लक्ष्य बड़ा हो, तो कोई भी काम छोटा नहीं होता और न ही कोई बाधा स्थायी होती है।”
साहिल जैसे खिलाड़ी यह साबित करते हैं कि कड़ी मेहनत, सही दिशा और अपने लक्ष्यों के प्रति ईमानदारी हो, तो आप न केवल अपने सपने सच कर सकते हैं बल्कि दूसरों के जीवन में भी उजाला भर सकते हैं।
Education And Courses(शिक्षा और पाठ्यक्रम)




















1. भूमिका:
एक शांत सुबह और एक बड़ा संकल्प
कोलकाता की सड़कों पर जब सूरज की पहली किरण पड़ती है, तो टेनिस कोर्ट पर टेनिस बॉल के टकराने की आवाज़ सुनाई देती है। यह सिर्फ एक खेल की आवाज़ नहीं है; यह एक संकल्प की गूँज है। Sahil Sports and Education Foundation की कहानी किसी कॉर्पोरेट ऑफिस में नहीं, बल्कि पसीने से भीगे टेनिस कोर्ट और एक पिता की आँखों में तैरते उन सपनों से शुरू हुई, जो अपने बेटे को देश का गौरव बनाना चाहते थे।
यह फाउंडेशन सिर्फ ईंट और पत्थरों की इमारत नहीं है, बल्कि यह साहिल अमीन के कड़े संघर्ष और उनके पिता मो. इमरान के अटूट विश्वास की एक जीवित मिसाल है।
2. पिता का त्याग और बेटे का संघर्ष (The Emotional Backstory)
हर सफल खिलाड़ी के पीछे एक ऐसा इंसान होता है जिसने खुद को धूप में जलाकर अपने बच्चे को छाँव दी होती है। साहिल के लिए वह इंसान उनके पिता, मो. इमरान हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार में टेनिस जैसे “महंगे” माने जाने वाले खेल को चुनना आसान नहीं था। रैकेट की डोरियाँ टूटने से लेकर, जूतों के घिसने और टूर्नामेंट के लिए दूर-दराज के शहरों का सफर करने तक—मो. इमरान ने हर चुनौती का सामना मुस्कुराते हुए किया।
साहिल ने बचपन से देखा कि कैसे उनके पिता ने अपनी खुशियों को किनारे रखकर उनके लिए बेहतरीन कोचिंग और सुविधाओं का इंतजाम किया। साहिल की रगों में दौड़ता हुआ टेनिस का जुनून दरअसल उनके पिता की मेहनत का सिला है। जब साहिल ने नेशनल रैंकिंग (AITA) में अपना नाम दर्ज कराया और कोच के रूप में अपनी पहचान बनाई, तो उन्हें अहसास हुआ कि भारत में ऐसे हज़ारों ‘साहिल’ हैं जिनके पास हुनर तो है, लेकिन उनके पास ‘मो. इमरान’ जैसा सहारा नहीं है।
यहीं से जन्म हुआ “साहिल स्पोर्ट्स एंड एजुकेशन फाउंडेशन” का।
3. हमारा विजन:
“मैदान से क्लासरूम तक” (Vision with Emotional Touch)
हमारा विजन बहुत सरल लेकिन गहरा है: “कोई भी प्रतिभा संसाधनों के अभाव में दम न तोड़े।”
अक्सर हमारे समाज में एक धारणा है कि खेल सिर्फ अमीरों का शौक है और पढ़ाई सिर्फ नौकरी पाने का जरिया। हम इस सोच को बदलना चाहते हैं। हमारा विजन एक ऐसे भारत का है जहाँ:
बस्ती का बच्चा भी हाथ में टेनिस रैकेट लेकर प्रोफेशनल खिलाड़ी बनने का सपना देख सके।
एक खिलाड़ी को खेल और पढ़ाई में से किसी एक को चुनना न पड़े, बल्कि वह दोनों में चैंपियन बने।
खेल को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला (Art of Living) के रूप में देखा जाए।
4. हमारा मिशन:
सपनों को हकीकत में बदलना (The Mission)
हमारा मिशन केवल टेनिस सिखाना नहीं है। हमारा मिशन है एक “इकोसिस्टम” तैयार करना।
प्रतिभा की तलाश (Grassroot Mission): हम उन गलियों और छोटे गांवों तक जाना चाहते हैं जहाँ खेल की सुविधाएँ नहीं पहुँची हैं। हम वहां से ‘हीरे’ तराशेंगे।
शिक्षा का कवच (Educational Shield): खेल अनिश्चितताओं से भरा होता है। चोट या अन्य कारणों से खेल रुक सकता है, लेकिन शिक्षा कभी नहीं रुकती। हमारा मिशन है कि हर खिलाड़ी कम से कम ग्रेजुएट हो और उसके पास करियर के अन्य विकल्प भी हों।
चरित्र निर्माण (Character Building): खेल हमें हारना सिखाता है, गिरकर उठना सिखाता है। हमारा मिशन ऐसे युवा तैयार करना है जो जीवन की मुश्किलों में कभी हार न मानें।
5. साहिल अमीन के विचार (The Founder’s Thought)
“जब मैं कोर्ट पर होता हूँ, तो मुझे सिर्फ बॉल नहीं दिखती, मुझे वो संघर्ष दिखता है जो मेरे पिता ने मेरे लिए किया। आज जब मैं किसी गरीब बच्चे को फटे हुए जूतों में टेनिस खेलते देखता हूँ, तो मुझे अपना बचपन याद आता है। मेरा उद्देश्य सिर्फ उसे नए जूते देना नहीं है, बल्कि उसे वो आसमान देना है जहाँ वह उड़ सके। मेरा रैकेट अब सिर्फ मेरे लिए नहीं, उन हज़ारों बच्चों के लिए चलेगा जिनके सपनों में जान फूंकनी है।” > — साहिल अमीन
6. मो. इमरान का संदेश (The Mentor’s Message)
“मैंने साहिल को सिर्फ टेनिस खेलना नहीं सिखाया, मैंने उसे इंसानियत की कद्र करना सिखाया। यह फाउंडेशन मेरा वह कर्ज है जो मैं इस समाज को उतारना चाहता हूँ। मैं चाहता हूँ कि हर पिता गर्व से कह सके कि मेरा बेटा खिलाड़ी भी है और पढ़ा-लिखा इंसान भी।”
— मो. इमरान